MS Dhoni Birthday: 5 मौके जब माही ने दिखाया कि उनसे बेहतर कप्तान और कोई नहीं, हैरत में पड़ गई थी विपक्षी टीम

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एमएस धोनी 7 जुलाई को अपना 42वां जन्मदिन मना रहे। वह दुनिया के इकलौते ऐसे कप्तान हैं जिनके पास तीनों आईसीसी की ट्रॉफियां हैं। उनके क्रिकेटिंग करियर के दौरान कई ऐसे मौके आए जब अपने नेतृत्व करने की क्षमता का लोहा उन्होंने दुनिया भर से मनवाया। इस आर्टिकल में हम 5 ऐसे विशेष मौकों पर बात करेंगे।

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2007 टी20 विश्वकप

पहली बार टीम इंडिया की कप्तानी एक बड़े टूर्नामेंट में कर रहे युवा धोनी ने इस मैच में हैरतअंगेज कार्य किया था। इस टूर्नामेंट के फ़ाइनल मैच में भारत ने 157 रन बनाए थे। जिसके जवाब में मिस्बाह उल हक ने मोर्चा संभाल लिया था और अपनी टीम को जीत की दहलीज तक ले जाने की जिद पकड़ कर बैठे थे। ऐसे में अंतिम ओवर में धोनी ने सब्र से काम लेते हुए जोगिन्दर शर्मा को गेंद थमाई और आगे क्या हुआ यह सब को पता है।

2011 विश्वकप फाईनल

श्रीलंका द्वारा दिए गए 275 रन के लक्ष्य के जवाब में टीम इंडिया सचिन और सहवाग के रूप में अपने शुरुआती बहुमूल्य विकेट गवा चुकी थी। जिसके बाद विराट और गंभीर ने टीम को संभाला। फैंस को हैरत तब हुई जब धोनी युवराज सिंह से पहले बैटिंग करने आए। शुरुआत में सभी को यह एक गलत चाल लगी लेकिन धोनी ने एक बार फिर से यह दिखलाया कि उनके फैसले बिना किसी वजह के नहीं होते। भारत ने 28 साल के बाद विश्वकप ट्रॉफी उठाई थी।

रोहित शर्मा को ओपनर बनाना

शुरूआती दौर में रोहित शर्मा मध्य क्रम के बल्लेबाज माने जाते थे। जिन्हें बेहद कम सफलता बल्ले से मिली थी। लेकिन 2013 के चैंपियन्स ट्रॉफी से पहले धोनी ने रोहित को एक ओपनर के रूप में प्रोमोट किया। आज रोहित शर्मा विश्व के सबसे खतरनाक ओपनर के रूप में जाने जाते हैं। जिनके पास ऐसे ऐसे रिकॉर्र्डस हैं जिसके बारे में अन्य ओपनर्स सिर्फ सपने देखते हैं।

चैंपियन्स ट्रॉफी फाईनल

बारिश की वजह से यह मैच 20 ओवर का हो चुका था और इंग्लैंड के बल्लेबाज हार मानने के मूड में बिल्कुल नजर नहीं आ रहे थे। ऐसे में 18वें ओवर में धोनी ने इशांत शर्मा पर भरोसा जताते हुए उन्हें गेंद थमाई। इससे पहले इशांत खूब रन खर्च कर चुके थे। लेकिन इस ओवर में इशांत ने रवि बोपारा और इयोन मॉर्गन को आउट किया और टीम को जीत की ओर ले गए।

2016 टी20 विश्वकप

इस टूर्नामेंट में भारत बनाम बांग्लादेश का मैच भला कौन भूल सकता है। जब टीम इंडिया 1 रन से हारा हुआ मैच जीत बैठी। इसका कारण खुद महेंद्र सिंह धोनी थे। जिन्होंने अद्भुत्त फुर्ती दिखाते हुए बांग्लादेशी बल्लेबाज को रनआउट किया था। इस मैच के बारे में सोच कर आज भी बांग्लादेश के फैंस सहम जाया करते हैं।

 

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